6:37 की शाम — सेजल उर्फ़ बुलबुल, एक रहस्य

शाम के ठीक 6 बजकर 37 मिनट। टाटा शोरूम से 21 साल की युवती सेजल अपनी ड्यूटी खत्म कर बाहर निकलती है। घर में सभी उसे प्यार से बुलबुल कहते हैं। उस दिन सेजल ने सिर दर्द और बेचैनी की शिकायत की थी। यह सुनकर मैनेजर ने उसे घर जाने की अनुमति दे दी और कहा कि उसकी सैलरी नहीं कटेगी।

सेजल घर के लिए निकलती है, लेकिन वह कभी घर नहीं पहुँचती।

रास्ते में सेजल की मुलाकात एक ऐसे पुराने जानकार लड़के से होती है, जिससे महीनों से कोई संपर्क नहीं था। कुछ ही देर बाद वही लड़का सेजल की गाड़ी और मोबाइल लेकर चला जाता है। यहीं से इस पूरे मामले पर सवाल खड़े हो जाते हैं। अगर गाड़ी मदद के लिए ली गई थी, तो मोबाइल क्यों लिया गया? और सेजल को अकेला क्यों छोड़ दिया गया?

इसके बाद सेजल रिक्शे में बैठती है। वह घर फोन करके 50 रुपये मंगवाती है और किराया चुकाती है। रिक्शावाले के अनुसार, उसने सेजल को मांगलिया चौराहे पर उतारा था।

करीब 7:45 बजे डकाच्या गांव में रहने वाले टीचर दिनेश सर के पास एक फोन कॉल आता है। कॉल करने वाला बताता है कि आपकी पहचान की लड़की का एक्सीडेंट हो गया है। कुछ ही देर बाद दूसरा फोन आता है, जिसमें कहा जाता है कि यह एक्सीडेंट नहीं बल्कि सेजल की मौत हो चुकी है।

जिस लड़के पर सबसे ज्यादा शक है, वही यह दावा करता है कि वह सेजल को अस्पताल लेकर आया था। लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि सेजल को अस्पताल लाने से करीब 20 मिनट पहले ही मृत घोषित किया जा चुका था।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि वही लड़का अस्पताल में सेजल का मोबाइल और गाड़ी की चाबी सौंपकर फरार हो जाता है।

सेजल के शरीर पर कई गंभीर निशान पाए गए। हाथों पर पकड़ के निशान, अंगूठा घिसा हुआ, गर्दन और सिर के पीछे गहरी चोटें। ये सभी संकेत इस ओर इशारा करते हैं कि यह मामला किसी साधारण सड़क हादसे का नहीं हो सकता।

इस अंधेरे और दर्दनाक घटनाक्रम के बीच एक उम्मीद की किरण भी सामने आई। डकाच्या गांव के टीचर दिनेश सर सूचना मिलते ही अस्पताल पहुँचे। उन्होंने पूरी रात वहां रहकर पुलिस कार्रवाई में सहयोग किया और परिवार के साथ मजबूती से खड़े रहे।

साथ ही खाती समाज और डकाच्या गांव के लोगों ने इंसानियत की मिसाल पेश की। पूरे गांव ने आगे आकर सेजल का विधि-विधान से अंतिम संस्कार कराया। यह कदम मानवता, संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक है।

अब भी कई सवालों के जवाब बाकी हैं। सेजल मांगलिया से राउखेड़ी कैसे पहुँची? हादसा या घटना वास्तव में किस जगह हुई? और जिस लड़के पर शक है, वह हर जगह सबसे पहले कैसे पहुँच गया?

यह सिर्फ एक युवती की मौत नहीं है। यह सिस्टम, समाज और हमारी चुप्पी पर एक बड़ा सवाल है।

सच सामने आना चाहिए।
दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।

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