ब्रेकिंग न्यूज़

सोशल मीडिया का जाल

आकाश की उंगलियां स्क्रीन पर तेजी से चल रही थीं। उसकी आंखें दो घंटे से इंस्टाग्राम की चमकदार दुनिया में समाई हुई थीं। एक तरफ उसके दोस्त समुद्र किनारे छुट्टियां मना रहे थे, दूसरी तरफ कोई सहपाठी नई कार के साथ पोस्ट कर रहा था, तो किसी अन्य ने इंटर्नशिप का सर्टिफिकेट चस्पा कर दिया…

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1992 का वो समय… और रघुनाथ काका की ब्रेड

सुबह की चाय या तो सूखी रोटी के साथ होती थी, या फिर पराठा–पूरी के संग। गाँव में हर चीज़ आसानी से नहीं मिलती थी।और तभी, भोपु के बीच एक आवाज़ गूँजती—“ब्रेड ले लो…” बस, इतना सुनते ही दिल धड़क उठता।नंगे पाँव दौड़ पड़ते थे हम सब… रघुनाथ काका की ब्रेड लेने। रघुनाथ काका…हर मौसम…

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एमपी में कफ सिरप पीने से 20 बच्चों की मौत

एमपी में कफ सिरप पीने से 20 बच्चों की मौत के मामले में बड़ा एक्शन हुआ है। तमिलनाडु स्थित श्रीसन फार्मास्युटिकल कंपनी के मालिक एस. रंगनाथन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें चेन्नई की अदालत में पेश करने के बाद ट्रांजिट रिमांड पर छिंदवाड़ा लाया जाएगा।

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किसानों की किस्मत का सवाल

मोहन सिंह का हाथ मिट्टी में था, पर नजरें सरकारी कार्यालय के उस कागज पर टिकी थीं जिस पर फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य छपा था। धान की बालियाँ भारी थीं, पर उनकी कीमत हल्की थी। साल भर की मेहनत, पसीना और उम्मीदें… सब एक आंकड़े में सिमटकर रह गई थीं। सवेरे चार बजे उठना,…

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हिन्दी भाषी प्रदेश झूठ और भ्रम की जकड़ में है

हिन्दी भाषी प्रदेश झूठ और भ्रम की इतनी जकड़ में है कि ताजमहल को हिंदू मंदिर मानने जैसा अजीबोगरीब भ्रम भी सच मान लेगा। 2014 के बाद का भारत तथ्य और वास्तविकता से पूरी तरह कट चुका है। ऐसे माहौल में परेश रावल जैसे सदाबहार और बहुमुखी अभिनेता का अपने करियर को इन प्रचारपूर्ण फ़िल्मों…

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6:37 की शाम — सेजल उर्फ़ बुलबुल, एक रहस्य

शाम के ठीक 6 बजकर 37 मिनट। टाटा शोरूम से 21 साल की युवती सेजल अपनी ड्यूटी खत्म कर बाहर निकलती है। घर में सभी उसे प्यार से बुलबुल कहते हैं। उस दिन सेजल ने सिर दर्द और बेचैनी की शिकायत की थी। यह सुनकर मैनेजर ने उसे घर जाने की अनुमति दे दी और…

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जब साँस लेना भी लग्ज़री बन जाए

दस साल पहले की बात है। हर सुबह सूरज निकलने से पहले मैं अपने जूते बाँधती थी और खुद को कार्टर रोड की तरफ जाते हुए पाती थी। समुद्र की ठंडी हवा मेरे चेहरे से टकराती थी, जैसे कोई चुपचाप हौसला दे रहा हो। वही हवा थी, जिसने मुझे इस शहर से और दौड़ने से…

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गाँव से शहर तक – यादों की गठरी

सुबह का धुंधलका था। पीपल के पेड़ के नीचे खड़ा वह आख़िरी बार अपने गाँव को देख रहा था। मिट्टी की सोंधी खुशबू, कुएँ से खींचे पानी की आवाज़, और माँ के आँगन में बिखरे तुलसी के पत्ते, सब कुछ उसकी आँखों में उतर आया। शहर जाना उसकी मजबूरी थी, पर गाँव छोड़ना उसके दिल…

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गाँव की बेटियाँ: बदलाव की नई तस्वीर

कभी जिस गाँव में महिलाओं की दुनिया घर की चारदीवारी तक सीमित मानी जाती थी, आज उसी गाँव की महिलाएँ बदलाव की सबसे मज़बूत आवाज़ बन चुकी हैं। सुबह का सूरज निकलते ही अब सिर्फ़ चूल्हा नहीं जलता, बल्कि सपनों की लौ भी तेज़ हो जाती है। सर पर घूँघट जरूर है, लेकिन आँखों में…

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कथित शराब नीति मामले में अरविंद केजरीवाल को राहत, पुराने घोटालों की याद के बीच सियासी बहस तेज

कथित शराब नीति मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal को कोर्ट से राहत मिलने के बाद राजनीतिक हलकों में एक बार फिर बहस छिड़ गई है। यह वही मामला है जिसे लेकर पिछले कई महीनों तक जोरदार राजनीतिक बयानबाज़ी, आरोप-प्रत्यारोप और सड़कों से लेकर टीवी स्टूडियो तक घमासान देखने को मिला था। विपक्ष और…

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