ब्रेकिंग न्यूज़

नशे की जकड़ में गाँव की जवानी

रामू की उम्र सिर्फ उन्नीस साल थी, लेकिन उसकी आँखों में जवानी की चमक नहीं, एक धुंधली सूनापन था। गाँव के पुराने बरगद के पेड़ के नीचे, जहाँ कभी बच्चे खेलते थे और बुजुर्ग गप्पें मारते थे, अब नशे के अड्डे बन गए थे। शाम ढलते ही वहाँ इकट्ठा होने वाली नौजवान टोली की बातों…

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कथित शराब नीति मामले में अरविंद केजरीवाल को राहत, पुराने घोटालों की याद के बीच सियासी बहस तेज

कथित शराब नीति मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal को कोर्ट से राहत मिलने के बाद राजनीतिक हलकों में एक बार फिर बहस छिड़ गई है। यह वही मामला है जिसे लेकर पिछले कई महीनों तक जोरदार राजनीतिक बयानबाज़ी, आरोप-प्रत्यारोप और सड़कों से लेकर टीवी स्टूडियो तक घमासान देखने को मिला था। विपक्ष और…

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हिन्दी भाषी प्रदेश झूठ और भ्रम की जकड़ में है

हिन्दी भाषी प्रदेश झूठ और भ्रम की इतनी जकड़ में है कि ताजमहल को हिंदू मंदिर मानने जैसा अजीबोगरीब भ्रम भी सच मान लेगा। 2014 के बाद का भारत तथ्य और वास्तविकता से पूरी तरह कट चुका है। ऐसे माहौल में परेश रावल जैसे सदाबहार और बहुमुखी अभिनेता का अपने करियर को इन प्रचारपूर्ण फ़िल्मों…

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हर उम्र में बदलती हुई एक फ़िल्म

एक फ़िल्म, तीन हिस्से और एक ज़िंदगी बचपन से “मेरा नाम जोकर” फ़िल्म से मेरी क़रीबी रही है. यह क़रीबी किसी एक बार देखने से नहीं बनी, बल्कि धीरे-धीरे, उम्र के साथ गहरी होती चली गई. मेरे पिता ने मेरे जन्मदिन पर मुझे इस फ़िल्म की सीडी लाकर दी थी. उस सीडी में फ़िल्म तीन हिस्सों…

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भारत में ChatGPT का बढ़ता असर: 10 करोड़ वीकली यूजर्स के साथ बना दूसरा सबसे बड़ा बाजार

ओपनएआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सैम ऑल्टमैन ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट से पहले बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि भारत में हर हफ्ते करीब 10 करोड़ लोग चैटजीपीटी का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके साथ ही भारत, अमेरिका के बाद चैटजीपीटी का दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बाज़ार बन गया है। भारतीय छात्र सबसे…

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शानदार ख़बर: ‘होमबाउंड’ ऑस्कर की शॉर्टलिस्ट में शामिल

Homebound एक फ़िल्म नहीं, एक एहसास है। बहुत संवेदनशील, बहुत भावुक, ख़ासकर उन परिवारों के लिए जिनके बच्चे संघर्ष कर रहे हैं। जब ज़िंदगी में लगे सब खत्म हो रहा है, तब Homebound के किरदार उम्मीद याद दिलाते हैं। देखिए, महसूस कीजिए।

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किसानों की किस्मत का सवाल

मोहन सिंह का हाथ मिट्टी में था, पर नजरें सरकारी कार्यालय के उस कागज पर टिकी थीं जिस पर फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य छपा था। धान की बालियाँ भारी थीं, पर उनकी कीमत हल्की थी। साल भर की मेहनत, पसीना और उम्मीदें… सब एक आंकड़े में सिमटकर रह गई थीं। सवेरे चार बजे उठना,…

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वायरल से गुमनामी तक: ‘दिल ना दिया’ गाकर मशहूर हुआ पिंटू, अब इलाज की आस में

सोशल मीडिया पर रातों-रात चमकने वाले चेहरों की दुनिया उतनी ही बेरहम भी है। जो नाम कल तक हर स्क्रीन पर छाया रहता है, वही आज भीड़ के शोर में खो जाता है। ऐसा ही एक नाम है पिंटू—वह लड़का, जिसने “कृष का गाना सुनेगा… दिल ना दिया, दिल ना दिया ले बेटा” गाकर इंटरनेट…

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श्मशान का निर्माण

जय श्री महाकाल महाराज शमशान घाट पर शोकसभा ग्रह का निर्माण कार्य प्रारंभ किया बेहतरीन स्वच्छ परिसर जो कि बेठने कि व्यवस्था को बेहतर बनाये सुव्यवस्थित रूप से एक बेहतर व्यवस्था का निर्माण करना हि परम उद्देश्य ग्राम कोष कि राशी से

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शहर में बढ़ता प्रदूषण

रोहित ने सुबह खिड़की खोली तो सांस लेने में दिक्कत हुई। बाहर का नज़ारा धुंधला था, जैसे किसी ने पूरे शहर पर मटमैला चश्मा चढ़ा दिया हो। आसमान नीला नहीं, भूरे-पीले रंग में डूबा हुआ था। दूर के इमारतों के किनारे धुंध में मिल रहे थे। सड़क पर निकला तो गला खराब होने लगा। वाहनों…

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