हवा ऐसी बनाई जा रही है कि हम विश्वगुरु बनने वाले हैं, दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने वाली है, अखंड भारत का सपना पूरा होने जा रहा है, पता नहीं क्या-क्या दावे किए जा रहे हैं।
सच्चाई ये है कि कफ सीरप पीकर हमारे बच्चे मर रहे हैं, मौत की खबरें लगातार आ रही हैं, और देश में सन्नाटा पसरा है।
जबकि यही सबसे बड़ा मुद्दा होना चाहिए था।
अगर ये हमें शर्मिंदा नहीं करता, तो मान लीजिए
“ये सब धुआं-धुआं है”, सिर्फ दिखावा है।
