Homebound एक फ़िल्म नहीं, एक एहसास है। बहुत संवेदनशील, बहुत भावुक, ख़ासकर उन परिवारों के लिए जिनके बच्चे संघर्ष कर रहे हैं। जब ज़िंदगी में लगे सब खत्म हो रहा है, तब Homebound के किरदार उम्मीद याद दिलाते हैं। देखिए, महसूस कीजिए। Post navigation मशहूर पत्रकार राजदीप सरदेसाई को हुआ था प्रोस्टेट कैंसर। हिन्दी भाषी प्रदेश झूठ और भ्रम की जकड़ में है