योगेंद्र यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव को लेकर बड़ा सवाल उठाया है। उनका कहना है कि यह प्रस्ताव मार्च से संसद में पड़ा हुआ है, लेकिन अब तक इस पर न तो चर्चा हुई और न ही कोई बहस।
योगेंद्र यादव का आरोप है कि जब संसद में इस मुद्दे पर बात नहीं हो रही, तो अब इसे जनता के बीच और सड़कों पर ले जाने का फैसला किया गया है।
उनका कहना है कि लोकतंत्र में जनता को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन जंतर-मंतर जैसे तय प्रदर्शन स्थल पर भी प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की जा रही है।
सवाल ये है कि अगर महाभियोग प्रस्ताव संसद में पड़ा है, तो उस पर चर्चा क्यों नहीं हो रही? आखिर इतने बड़े संवैधानिक पद से जुड़े सवालों पर संसद चुप क्यों है?
योगेंद्र यादव ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि अब ये लड़ाई सिर्फ संसद तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सड़क पर भी जारी रहेगी।
अब देखना ये है कि संसद में लंबित इस प्रस्ताव पर बहस कब होगी और चुनाव आयोग को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब आखिर कौन देगा?

