मथुरा की काजल अमीर कुंवारे लड़कों को फंसाकर लूट लेती थी

मथुरा की काजल अमीर कुंवारे लड़कों से प्यार कर शादी करतीं, फिर गहना-रुपया लेकर फरार हो जाती थीं। इस काम में उनके माता-पिता भी साथ थे, जिन्हें पहले ही पुलिस ने पकड़ लिया था। आज काजल भी पकड़ी गईं। जमीन पर बैठीं, मुस्कुरा रहीं थीं, वही मुस्कान जिससे उन्होंने 10 से ज़्यादा “शिकार” किए।

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डिजिटल दुनिया में उलझे गांव, असल रिश्ते हो रहे कमजोर

आज गांवों की गलियों में जो बदलाव सबसे तेज़ी से दिख रहा है, उसकी वजह मोबाइल फोन है। कभी गांवों की पहचान आपसी मेल-जोल, भरोसे और रिश्तों की मज़बूती से होती थी, आज वही रिश्ते शक, तुलना और दिखावे की भेंट चढ़ते जा रहे हैं। मोबाइल की यह “विजय” गांवों के युवाओं से लेकर शादीशुदा…

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नशे की जकड़ में गाँव की जवानी

रामू की उम्र सिर्फ उन्नीस साल थी, लेकिन उसकी आँखों में जवानी की चमक नहीं, एक धुंधली सूनापन था। गाँव के पुराने बरगद के पेड़ के नीचे, जहाँ कभी बच्चे खेलते थे और बुजुर्ग गप्पें मारते थे, अब नशे के अड्डे बन गए थे। शाम ढलते ही वहाँ इकट्ठा होने वाली नौजवान टोली की बातों…

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राहुल पटेल: मेहनत, स्वाभिमान और सवाल पूछने की हिम्मत

मध्य प्रदेश के इंदौर से लगे गांव डकाच्या के राहुल पटेल कोई बड़ा नेता नहीं है, न ही किसी बड़े मंच का चेहरा। वह एक आम युवक है, जिसने एमबीए की पढ़ाई की, लेकिन नौकरी के पीछे भागने की बजाय ईमानदारी से मेहनत का रास्ता चुना। आज वह पोहे की एक छोटी-सी दुकान लगाकर अपने…

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डॉक्टर बोले, “आपको कैंसर हो गया है।”

पहले तो मैं थोड़ा डर गया… फिर धीरे–धीरे डर ख़त्म होने लगा। राजू का ढाबा है, खाना खुद ही बनाता है। सेंव टमाटर कमाल की बनाता है, साथ में तवा रोटी… ओय-होय, मज़ेदार! मैं जब भी इंदौर जाता हूँ, अपने मित्र राहुल (MBA पोहेवाला) के साथ वहाँ एक–दो फेरे ज़रूर लगा लेता हूँ। राहुल को…

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गाँव से शहर तक – यादों की गठरी

सुबह का धुंधलका था। पीपल के पेड़ के नीचे खड़ा वह आख़िरी बार अपने गाँव को देख रहा था। मिट्टी की सोंधी खुशबू, कुएँ से खींचे पानी की आवाज़, और माँ के आँगन में बिखरे तुलसी के पत्ते, सब कुछ उसकी आँखों में उतर आया। शहर जाना उसकी मजबूरी थी, पर गाँव छोड़ना उसके दिल…

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जोशी सर: चार दशक की शिक्षा, सेवा और संस्कारों की मिसाल

ग्राम डकाच्या में पिछले 40 वर्षों से शिक्षा की अलख जगा रहे हेमंत जोशी केवल एक शिक्षक नहीं, बल्कि एक पूरे गाँव की यादों, संस्कारों और भविष्य का हिस्सा हैं। बच्चे हों या अभिभावक—सब उन्हें स्नेह और सम्मान से “जोशी सर” के नाम से जानते हैं। उनकी पहचान किसी पद या पुरस्कार से नहीं, बल्कि…

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वक़्त जैसे थम-सा गया है

एक्सीडेंट के बाद से रेस्ट पर हूं, एक जगह पड़े रहना सचमुच सज़ा से कम नहीं। वक़्त जैसे थम-सा गया है, कटता ही नहीं। कुछ कर भी नहीं सकता, तो बस इन्हीं फ़िल्मों और सीरियल्स को दोबारा देखने में दिल बहला लिया। कमाल है ये सिनेमा—जितनी बार देखो, उतनी ही बार नया लगता है… मानो…

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लखन पटेल: एक ऐसा सरपंच जिसे राजनीती नहीं, ‘जन-नीति’ में यकीन है

ग्राम डकाच्या के सरपंच लखन पटेल का नाम सुनते ही मन में एक ऐसे व्यक्ति की छवि उभरती है, जो छल-प्रपंच की राजनीति से कोसों दूर, सादगी और ईमानदारी की मिसाल कायम करते हैं। उनकी पहचान सत्ता के दिखावे या नेतागिरी के अहंकार से नहीं, बल्कि जमीन से जुड़े सेवाभाव और गाँव के प्रति समर्पण से बनती है। लखन पटेल…

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अभिनेत्री मधुबाला के किस्से कहानियां…

भारतीय सिनेमा की बेहद खूबसूरत अदाकारा मधुबाला के जीवन से जुड़े कुछ किस्से कहानियां, कैसे खूबसूरत अभिनेत्री का कॅरियर रहा, प्यारा में दिल टुटा, फिर बीमारी से हारी इन सभी बातों को जानने के लिए यह वीडियो जरूर देखें।

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