मशहूर पत्रकार राजदीप सरदेसाई को हुआ था प्रोस्टेट कैंसर।

मशहूर पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने अपने YouTube चैनल पर खुलासा किया कि उन्हें जुलाई में प्रोस्टेट कैंसर हुआ था। नियमित इलाज और सफल सर्जरी के बाद अब वे पूरी तरह ठीक हैं। उन्होंने बताया, कैंसर जैसी बीमारी इंसान की हिम्मत की सबसे बड़ी परीक्षा होती है, लेकिन उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी

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पंचायत चुनाव: लोकतंत्र निभाएँ, रिश्ते न बिगाड़ें

गाँव की पहचान सिर्फ़ खेत-खलिहान, मिट्टी और मेहनत से नहीं होती, बल्कि आपसी रिश्तों, भाईचारे और सहयोग से होती है। लेकिन दुर्भाग्य से जब गाँव में पंचायत चुनाव आते हैं, तो यही रिश्ते सबसे ज़्यादा परीक्षा में पड़ जाते हैं। जो लोग कल तक एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े रहते थे, वही चुनाव के…

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जब साँस लेना भी लग्ज़री बन जाए

दस साल पहले की बात है। हर सुबह सूरज निकलने से पहले मैं अपने जूते बाँधती थी और खुद को कार्टर रोड की तरफ जाते हुए पाती थी। समुद्र की ठंडी हवा मेरे चेहरे से टकराती थी, जैसे कोई चुपचाप हौसला दे रहा हो। वही हवा थी, जिसने मुझे इस शहर से और दौड़ने से…

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एमपी में कफ सिरप पीने से 20 बच्चों की मौत

एमपी में कफ सिरप पीने से 20 बच्चों की मौत के मामले में बड़ा एक्शन हुआ है। तमिलनाडु स्थित श्रीसन फार्मास्युटिकल कंपनी के मालिक एस. रंगनाथन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें चेन्नई की अदालत में पेश करने के बाद ट्रांजिट रिमांड पर छिंदवाड़ा लाया जाएगा।

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राहुल पटेल: मेहनत, स्वाभिमान और सवाल पूछने की हिम्मत

मध्य प्रदेश के इंदौर से लगे गांव डकाच्या के राहुल पटेल कोई बड़ा नेता नहीं है, न ही किसी बड़े मंच का चेहरा। वह एक आम युवक है, जिसने एमबीए की पढ़ाई की, लेकिन नौकरी के पीछे भागने की बजाय ईमानदारी से मेहनत का रास्ता चुना। आज वह पोहे की एक छोटी-सी दुकान लगाकर अपने…

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1992 का वो समय… और रघुनाथ काका की ब्रेड

सुबह की चाय या तो सूखी रोटी के साथ होती थी, या फिर पराठा–पूरी के संग। गाँव में हर चीज़ आसानी से नहीं मिलती थी।और तभी, भोपु के बीच एक आवाज़ गूँजती—“ब्रेड ले लो…” बस, इतना सुनते ही दिल धड़क उठता।नंगे पाँव दौड़ पड़ते थे हम सब… रघुनाथ काका की ब्रेड लेने। रघुनाथ काका…हर मौसम…

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गाँव की बेटियाँ: बदलाव की नई तस्वीर

कभी जिस गाँव में महिलाओं की दुनिया घर की चारदीवारी तक सीमित मानी जाती थी, आज उसी गाँव की महिलाएँ बदलाव की सबसे मज़बूत आवाज़ बन चुकी हैं। सुबह का सूरज निकलते ही अब सिर्फ़ चूल्हा नहीं जलता, बल्कि सपनों की लौ भी तेज़ हो जाती है। सर पर घूँघट जरूर है, लेकिन आँखों में…

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वक़्त जैसे थम-सा गया है

एक्सीडेंट के बाद से रेस्ट पर हूं, एक जगह पड़े रहना सचमुच सज़ा से कम नहीं। वक़्त जैसे थम-सा गया है, कटता ही नहीं। कुछ कर भी नहीं सकता, तो बस इन्हीं फ़िल्मों और सीरियल्स को दोबारा देखने में दिल बहला लिया। कमाल है ये सिनेमा—जितनी बार देखो, उतनी ही बार नया लगता है… मानो…

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भारत में ChatGPT का बढ़ता असर: 10 करोड़ वीकली यूजर्स के साथ बना दूसरा सबसे बड़ा बाजार

ओपनएआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सैम ऑल्टमैन ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट से पहले बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि भारत में हर हफ्ते करीब 10 करोड़ लोग चैटजीपीटी का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके साथ ही भारत, अमेरिका के बाद चैटजीपीटी का दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बाज़ार बन गया है। भारतीय छात्र सबसे…

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