साहित्य-सिनेमा

इंस्टाग्राम पर कौन ज्यादा लोकप्रिय, मोदी या राहुल गांधी?

आज की राजनीति सिर्फ संसद, रैलियों और टीवी बहसों तक सीमित नहीं है। मोबाइल की स्क्रीन भी राजनीतिक लोकप्रियता का बड़ा मैदान बन चुकी है। खासकर युवाओं के बीच Instagram…

क्या राहुल गांधी मोदी के मुकाबले ज्यादा पढ़े-लिखे नजर आने लगे हैं? वजह क्या है?

भारतीय राजनीति में अब बहस सिर्फ इस बात पर नहीं होती कि कौन लोकप्रिय है, बल्कि यह भी पूछा जाने लगा है कि कौन नेता आज के मुद्दों को ज्यादा…

पुणे में राहुल गांधी ने महिलाओं की आजादी पर उठाई बड़ी बात, छात्राओं से बोले: पहचान रिश्तों से नहीं, खुद से बनती है

पुणे में कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी ने छात्राओं और महिलाओं के बीच ऐसा मुद्दा उठाया, जिसकी चर्चा अब राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक…

गाँव की झिझक से मुंबई की बेबाकी तक…

सरकारी स्कूल से पढ़ा हूँ। 9वीं कक्षा से लड़कियाँ भी साथ पढ़ने लगी थीं (Co-ed)। वैसे लड़कियाँ कम ही थीं, गाँव का माहौल सख्त था, न वो बात करतीं, न…

हिट गानों से गुमनामी तक, अनवर की अधूरी कहानी

70 से 90 के दशक के बीच हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में एक ऐसी आवाज़ गूंजी, जो सुनते ही दिल ठहर जाता था। ये आवाज़ थी Anwar Hussain की, एक ऐसा…

70 साल बाद अपने गांव लौटे Gulzar, बदली तस्वीर ने तोड़ दिया दिल

70 साल बाद जब मशहूर गीतकार Gulzar पाकिस्तान के Dina में अपने गांव लौटे, तो जो उन्होंने देखा, उसने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया। जहां कभी कच्चे घरों में ज़िंदगी…

जब साँस लेना भी लग्ज़री बन जाए

दस साल पहले की बात है। हर सुबह सूरज निकलने से पहले मैं अपने जूते बाँधती थी और खुद को कार्टर रोड की तरफ जाते हुए पाती थी। समुद्र की…

1992 का वो समय… और रघुनाथ काका की ब्रेड

सुबह की चाय या तो सूखी रोटी के साथ होती थी, या फिर पराठा–पूरी के संग। गाँव में हर चीज़ आसानी से नहीं मिलती थी।और तभी, भोपु के बीच एक…

हर उम्र में बदलती हुई एक फ़िल्म

एक फ़िल्म, तीन हिस्से और एक ज़िंदगी बचपन से “मेरा नाम जोकर” फ़िल्म से मेरी क़रीबी रही है. यह क़रीबी किसी एक बार देखने से नहीं बनी, बल्कि धीरे-धीरे, उम्र…

लोकगीतों की जीवित विरासत: शिवनारायण चौधरी

शिवनारायण चौधरी, यह नाम केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि गाँव की लोक-संस्कृति की जीवित धरोहर का प्रतीक है। बीते 60 वर्षों से वे गाँव-गाँव घूमकर लोकगीत गा रहे हैं।…