इंदौर में दूषित पानी से 35 की मौत, 212 भर्ती
मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल की आपूर्ति से हालात…
कथित शराब नीति मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal को कोर्ट से राहत मिलने के बाद राजनीतिक हलकों में एक बार फिर बहस छिड़ गई है। यह वही मामला है जिसे लेकर पिछले कई महीनों तक जोरदार राजनीतिक बयानबाज़ी, आरोप-प्रत्यारोप और सड़कों से लेकर टीवी स्टूडियो तक घमासान देखने को मिला था। विपक्ष और…
दस साल पहले की बात है। हर सुबह सूरज निकलने से पहले मैं अपने जूते बाँधती थी और खुद को कार्टर रोड की तरफ जाते हुए पाती थी। समुद्र की ठंडी हवा मेरे चेहरे से टकराती थी, जैसे कोई चुपचाप हौसला दे रहा हो। वही हवा थी, जिसने मुझे इस शहर से और दौड़ने से…
पूरे देश में शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक गंभीर और चिंताजनक तस्वीर सामने आ रही है। सरकारी आंकड़ों और विभिन्न रिपोर्टों के मुताबिक, भारत में अब तक करीब 93,000 सरकारी स्कूल बंद हो चुके हैं, जिनमें से 31,000 स्कूल अकेले मध्य प्रदेश में बंद किए गए हैं। यह आंकड़ा सिर्फ संख्या नहीं है, बल्कि उस…
ओपनएआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सैम ऑल्टमैन ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट से पहले बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि भारत में हर हफ्ते करीब 10 करोड़ लोग चैटजीपीटी का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके साथ ही भारत, अमेरिका के बाद चैटजीपीटी का दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बाज़ार बन गया है। भारतीय छात्र सबसे…
सुबह की चाय या तो सूखी रोटी के साथ होती थी, या फिर पराठा–पूरी के संग। गाँव में हर चीज़ आसानी से नहीं मिलती थी।और तभी, भोपु के बीच एक आवाज़ गूँजती—“ब्रेड ले लो…” बस, इतना सुनते ही दिल धड़क उठता।नंगे पाँव दौड़ पड़ते थे हम सब… रघुनाथ काका की ब्रेड लेने। रघुनाथ काका…हर मौसम…
मध्यप्रदेश के सांवेर तहसील की बरलाई शुगर मिल वर्ष 1974-75 में आसपास के गांवों के किसानों ने अपनी मेहनत की कमाई से 1000 रुपये देकर शेयर लिया था और इस सहकारी शक्कर कारखाने की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उस दौर में किसानों को भरोसा दिलाया गया था कि यह मिल उनके भविष्य को…
शाम के ठीक 6 बजकर 37 मिनट। टाटा शोरूम से 21 साल की युवती सेजल अपनी ड्यूटी खत्म कर बाहर निकलती है। घर में सभी उसे प्यार से बुलबुल कहते हैं। उस दिन सेजल ने सिर दर्द और बेचैनी की शिकायत की थी। यह सुनकर मैनेजर ने उसे घर जाने की अनुमति दे दी और…
एक फ़िल्म, तीन हिस्से और एक ज़िंदगी बचपन से “मेरा नाम जोकर” फ़िल्म से मेरी क़रीबी रही है. यह क़रीबी किसी एक बार देखने से नहीं बनी, बल्कि धीरे-धीरे, उम्र के साथ गहरी होती चली गई. मेरे पिता ने मेरे जन्मदिन पर मुझे इस फ़िल्म की सीडी लाकर दी थी. उस सीडी में फ़िल्म तीन हिस्सों…
आज गांवों की गलियों में जो बदलाव सबसे तेज़ी से दिख रहा है, उसकी वजह मोबाइल फोन है। कभी गांवों की पहचान आपसी मेल-जोल, भरोसे और रिश्तों की मज़बूती से होती थी, आज वही रिश्ते शक, तुलना और दिखावे की भेंट चढ़ते जा रहे हैं। मोबाइल की यह “विजय” गांवों के युवाओं से लेकर शादीशुदा…
सोशल मीडिया पर रातों-रात चमकने वाले चेहरों की दुनिया उतनी ही बेरहम भी है। जो नाम कल तक हर स्क्रीन पर छाया रहता है, वही आज भीड़ के शोर में खो जाता है। ऐसा ही एक नाम है पिंटू—वह लड़का, जिसने “कृष का गाना सुनेगा… दिल ना दिया, दिल ना दिया ले बेटा” गाकर इंटरनेट…