लोकगीतों की जीवित विरासत: शिवनारायण चौधरी
शिवनारायण चौधरी, यह नाम केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि गाँव की लोक-संस्कृति की जीवित धरोहर का प्रतीक है। बीते 60 वर्षों से वे गाँव-गाँव घूमकर लोकगीत गा रहे हैं। खेतों की मेड़ों, मेलों की रौनक, शादी-ब्याह के आँगन और फसल कटाई की थकान, हर जगह उनकी आवाज़ ने लोगों के दिलों को जोड़ा है।…
