आज की राजनीति सिर्फ संसद, रैलियों और टीवी बहसों तक सीमित नहीं है। मोबाइल की स्क्रीन भी राजनीतिक लोकप्रियता का बड़ा मैदान बन चुकी है। खासकर युवाओं के बीच Instagram नेताओं तक पहुंचने और उनकी छवि बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन गया है। ऐसे में सवाल दिलचस्प है कि Instagram पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ज्यादा लोकप्रिय हैं या राहुल गांधी?
अगर सिर्फ फॉलोअर्स की संख्या देखें तो मुकाबला बिल्कुल एकतरफा है। नरेंद्र मोदी राहुल गांधी से काफी आगे हैं। फरवरी 2026 में मोदी ने Instagram पर 10 करोड़ फॉलोअर्स का आंकड़ा पार किया था। उस समय उन्हें दुनिया का सबसे ज्यादा फॉलो किया जाने वाला राजनीतिक नेता बताया गया था।
वहीं राहुल गांधी के Instagram अकाउंट पर अगस्त 2026 में करीब 1.54 करोड़ फॉलोअर्स हैं। यानी संख्या के मामले में मोदी की पहुंच राहुल गांधी से कई गुना ज्यादा है।
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती।
सोशल मीडिया पर लोकप्रियता को केवल फॉलोअर्स की संख्या से मापना ठीक नहीं होगा। सवाल यह भी है कि कौन कितने नए लोगों तक पहुंच रहा है, किसके पोस्ट पर ज्यादा बातचीत हो रही है और किस नेता का कंटेंट युवाओं के बीच तेजी से फैल रहा है।
2026 में Instagram की एक बड़ी सफाई के दौरान राहुल गांधी के फॉलोअर्स बढ़े थे। एक सोशल मीडिया एनालिटिक्स प्लेटफॉर्म के आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल के अंत से मई के मध्य तक राहुल गांधी के फॉलोअर्स करीब 1.30 करोड़ से बढ़कर 1.35 करोड़ हुए, जबकि इसी अवधि में नरेंद्र मोदी के फॉलोअर्स में कमी दर्ज की गई।
इसका मतलब यह नहीं कि राहुल गांधी Instagram पर मोदी से आगे निकल गए हैं। बल्कि यह बताता है कि राहुल गांधी की डिजिटल पहुंच बढ़ रही है, खासकर उस युवा वर्ग में जो राजनीतिक कंटेंट को रील, शॉर्ट वीडियो और मीम के जरिए देखता है।
राहुल गांधी की सोशल मीडिया रणनीति में पिछले कुछ समय में बदलाव भी दिखाई देता है। उनके भाषणों के छोटे वीडियो, छात्रों के साथ बातचीत, युवाओं के मुद्दे और सरकार से सीधे सवाल करने वाले पोस्ट Instagram पर तेजी से शेयर होते हैं। यही वजह है कि उनके समर्थक मानते हैं कि राहुल की डिजिटल लोकप्रियता उनकी वास्तविक राजनीतिक स्वीकार्यता का संकेत है।
दूसरी तरफ मोदी की Instagram मौजूदगी बहुत बड़े पैमाने पर है। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम, विदेश यात्राएं, सरकारी योजनाएं, देश से जुड़े बड़े फैसले और वीडियो संदेश लगातार लाखों लोगों तक पहुंचते हैं। इतने बड़े फॉलोअर बेस का मतलब है कि मोदी की डिजिटल पहुंच फिलहाल राहुल गांधी से काफी आगे है।
लेकिन यहां एक और दिलचस्प बदलाव है। फॉलोअर्स ज्यादा होना और युवाओं के बीच प्रभाव ज्यादा होना एक ही बात नहीं है।
राहुल गांधी को लेकर पिछले कुछ वर्षों में युवाओं के बीच धारणा बदलने की चर्चा हुई है। 2024 के चुनाव से पहले भी सोशल मीडिया पर राहुल गांधी के नए फॉलोअर्स बढ़ने की रफ्तार मोदी से तेज बताई गई थी, हालांकि कुल संख्या में मोदी काफी आगे थे।
यानी Instagram की कहानी कुछ ऐसी है। रीच के मामले में मोदी आगे हैं, लेकिन ग्रोथ और युवा जुड़ाव के मामले में राहुल गांधी ने अपनी जमीन मजबूत की है।
आने वाले चुनावों में यह अंतर बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है। क्योंकि आज का युवा सिर्फ नेता का भाषण नहीं सुनता, वह नेता की भाषा, व्यवहार और रोजमर्रा की गतिविधियां भी मोबाइल स्क्रीन पर देखता है।
इसलिए सवाल सिर्फ यह नहीं कि Instagram पर किसके ज्यादा फॉलोअर्स हैं?
सवाल यह है कि किस नेता का कंटेंट युवा देख रहा है, किस पर भरोसा कर रहा है और किसकी पोस्ट को आगे बढ़ा रहा है।
फिलहाल आंकड़ों की भाषा साफ है। Instagram पर मोदी की लोकप्रियता और पहुंच राहुल गांधी से बहुत आगे है। लेकिन राहुल गांधी की डिजिटल पकड़ तेजी से बढ़ती दिखाई दे रही है।
यानी मुकाबला अभी खत्म नहीं हुआ है। असली कहानी शायद फॉलोअर्स की संख्या से ज्यादा उस दिन लिखी जाएगी, जब Instagram की लोकप्रियता वोट की पसंद में बदलने लगेगी।

