जोशी सर: चार दशक की शिक्षा, सेवा और संस्कारों की मिसाल
ग्राम डकाच्या में पिछले 40 वर्षों से शिक्षा की अलख जगा रहे हेमंत जोशी केवल एक शिक्षक नहीं, बल्कि एक पूरे गाँव की यादों, संस्कारों और भविष्य का हिस्सा हैं।…
ग्राम डकाच्या में पिछले 40 वर्षों से शिक्षा की अलख जगा रहे हेमंत जोशी केवल एक शिक्षक नहीं, बल्कि एक पूरे गाँव की यादों, संस्कारों और भविष्य का हिस्सा हैं।…
ग्राम डकाच्या के सरपंच लखन पटेल का नाम सुनते ही मन में एक ऐसे व्यक्ति की छवि उभरती है, जो छल-प्रपंच की राजनीति से कोसों दूर, सादगी और ईमानदारी की…
हंसराज मंडलोई कोई चमक-दमक वाला राजनीतिक चेहरा नहीं हैं, बल्कि वे उस आम आदमी की आवाज़ हैं जो रोज़मर्रा की समस्याओं से जूझता है। उनकी राजनीति सत्ता की कुर्सी से…
शिवनारायण चौधरी, यह नाम केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि गाँव की लोक-संस्कृति की जीवित धरोहर का प्रतीक है। बीते 60 वर्षों से वे गाँव-गाँव घूमकर लोकगीत गा रहे हैं।…
रोहित ने सुबह खिड़की खोली तो सांस लेने में दिक्कत हुई। बाहर का नज़ारा धुंधला था, जैसे किसी ने पूरे शहर पर मटमैला चश्मा चढ़ा दिया हो। आसमान नीला नहीं,…
रामू की उम्र सिर्फ उन्नीस साल थी, लेकिन उसकी आँखों में जवानी की चमक नहीं, एक धुंधली सूनापन था। गाँव के पुराने बरगद के पेड़ के नीचे, जहाँ कभी बच्चे…
मोहन सिंह का हाथ मिट्टी में था, पर नजरें सरकारी कार्यालय के उस कागज पर टिकी थीं जिस पर फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य छपा था। धान की बालियाँ भारी…
कभी यह माना जाता था कि हार्ट अटैक, डायबिटीज़ (शुगर) और हाई ब्लड प्रेशर (बीपी) जैसी बीमारियाँ केवल शहरों तक सीमित हैं, लेकिन आज हालात बदल चुके हैं। अब गाँवों…
आकाश की उंगलियां स्क्रीन पर तेजी से चल रही थीं। उसकी आंखें दो घंटे से इंस्टाग्राम की चमकदार दुनिया में समाई हुई थीं। एक तरफ उसके दोस्त समुद्र किनारे छुट्टियां…
कभी जिस गाँव में महिलाओं की दुनिया घर की चारदीवारी तक सीमित मानी जाती थी, आज उसी गाँव की महिलाएँ बदलाव की सबसे मज़बूत आवाज़ बन चुकी हैं। सुबह का…